-- आगामी कार्यक्रम --

1) 9Nov - 17Nov
राम बालक जी महाराज जयपुर वृन्दावन

2) 19Nov-26Nov
जयेश भाई जोशी मुंबई

3) 7Dec-28Dec
माँ भवानी मंदिर आचार्य भोपाल द्रिवेदी छत्तीसगढ़

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* स्थल वर्णन *
श्री ललिता देवी
श्री चक्रतीर्थ
* प्रमुख स्थल *
श्री भूतेश्वर नाथ महादेव
श्री मॉ आनन्दमयी आश्रम
श्री स्वामी नारदानन्द आश्रम
श्री सीता रसोई मन्दिर
श्री देव देवेश्वर-महादेव
हत्या हरण
नैमिषारण्य
   

 नैमिषारण्य भारत का ही नही विश्व का तपोमय सनातन आदि तीर्थ हैं। | भारत के समस्त तीर्थ देवी देवता एंव ऋषि मर्हिष नैमिषारण्य के ८४ कोस मण्डल में विराजमान है। कुरूक्षेत्र युद्ध के पश्चात्‌ पॉच पॉडव दोपदी सहित नैमिषारण्य में १२ वर्षो तक सोमावती अमावस्या के लिएए तपस्या की थी, सोमावती अमास्या न पड़ने पर पॉडव ने शाप दिया तो तुम कलयुग में बार-बार पडोगी और तुममें नाना प्रकार के लोग स्नान करेंगे।जहां पर पॉच पॉडव नेतपस्या की ही वही स्थान आज श्री हनुमान गढी़ पॉच किला पॉडव के नाम से विखयात हैं। पॉडव भीम के पौत्र बर्वरीक जो कि अपना शीश भगवान श्री कृष्ण को महाभारत युद्ध के समय दान दे दिया था वही बर्वरीक भगवान श्री कृष्ण के आर्शीर्वाद से कलयुग में श्री श्याम प्रभुखाटूवाले के नाम से विखयात हैं। जहाँ पर बर्वरीक के पूर्वज पाँच पाँडवों ने तपस्या की थी। उसी स्थान पर श्री श्याम प्रभुखाटूवाले का भव्य मन्दिर एवं श्री हनुमत सत्सगं भवन का भुमिपूजन परम श्रद्धेय श्री नन्द किशोर शर्मा (नन्दू भैया जी ) एवं श्रद्धेय श्री कृष्ण चन्द्र शास्त्री ( ठाकुर जी ) परमसाध्वी श्रीमती कमला कंकाणी ( मौसी जी) एवं हजारों श्याम भ्क्तों की उपस्थिति में १८ अप्रैल २००२ को सम्पन्न हुआ ।